देश के प्रसिद्ध गृहस्थ संत पण्डित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी का कटनी स्थित दद्दाधाम
यह कथा बहुत पुरानी है। एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु
उपासना डेस्क, नॉएडा: दुनिया भर में कहर बरपा रहा है “कोरोना वायरस” का असर भारत
उत्तर भारत में इस पर्व से सामाजिक जुड़ाव काफी गहरा देखने को मिलता है क्योंकि
बुधवार व्रत कथा की पूजन विधि Budhwar Vrat Katha Pujan Vidhiबुध ग्रह की शान्ति तथा
उपासना डेस्क, प्रयागराज 3 मार्च । गंगा, यमुना और सरस्वती का जो संगम है, यहां
हाथ जोड़ विनती करूँ, सुनियो चित्त लगाय । दास आ गयो शरण में, रखियो म्हारी
दोहा कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अड्ग । पद्मासन स्थित ध्याइये, शंख चक्र के
दोहा श्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भजत हूँ, रच चैपाई छन्द।।
प्रयागराज। आज साक्षी बना 2 महाबलियों के मिलन का, प्रयागराज के प्रसिद्ध लेटे हनुमानजी जी
देहरादून। जल्द ही दुनियाभर के श्रद्धालु जो कि किन्हीं कारणों से देवभूमि उत्तराखण्ड नहीं आ
