अनिल श्रीवास्तव, उपासना डेस्क: अयोध्या स्थित मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम व मां जानकी का प्रथम संयुक्त
संतान विचार जन्मकुंडली के पंचम भाव एवं उसके स्वामी कारक गुरु ग्रह से चंद्र से
यज्ञ तीर्थ प्रयाग में शिव मंदिरों की महिमा का बखान बाबा मुकुंदेश्वर महादेव की चर्चा
यज्ञभूमि प्रयाग में लगभग 300 बरस पहले समस्त धार्मिक विधि विधान के साथ साधु संतों
यज्ञ तीर्थ प्रयाग शिव उपासना के लिए समस्त देवताओं द्वारा समर्थित भूमि है। यहां शिव
यज्ञ भूमि प्रयाग बहुविधि समर्पित शिव साधना के लिए आदिकाल से सिद्ध रहा है। कहते
यज्ञ भूमि प्रयाग का बहादुरगंज क्षेत्र किसी समय में आज जैसी घनी बस्ती वाला क्षेत्र
यज्ञ तीर्थ प्रयाग की आध्यात्मिक कीर्ति की सुगंध तीनों लोकों में वायु में घुलकर अगर
प्रयाग के चौक क्षेत्र के अंतर्गत भारती भवन मोहल्ले के सभी भक्तों शीश महल की
भगवान शिव का निवास भले ही कैलाश पर्वत हो लेकिन उनका मन उस लोक में
यज्ञ भूमि प्रयाग आदिकाल से ही शिव उपासना के लिए साधकों की प्रिय भूमि रही
प्रस्तुति-अजामिल, छायाकार-विकास चौहान: यज्ञ भूमि प्रयाग मे अवस्थित सैकड़ों शिव मंदिरों में बाबा भोले गिरी
