उज्जैन. सिंहस्थ में जहां तरह-तरह के साधु-संत आएंगे और अपने अनूठे अंदाज में लोगों का
पुराणों में कहा गया है: “मेषराशिगते सूर्ये सिंहराशौ बृहस्पतौ। उज्जयिन्यां भवेत्कुम्भः सर्वसौख्य विवर्धनः।।” अर्थात्, जब
जहां गणना करते हैं शिव स्वयं काल की, वह काल गणना केंद्र हैं उज्जयिनी। जी
स्नान तिथियाँ सिंहस्थ कुंभ महापर्व – 2016 पुण्य स्नान की तिथियां 22 अप्रैल, 2016 प्रथम
उज्जैन में अर्धकुंभ छह दशक पूर्व हुआ था। यह कोई अलग पर्व नहीं है बल्कि
1- मौनी अमावस्या पर सुबह स्नान आदि करने के बाद चांदी से निर्मित नाग-नागिन की
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष के अंत में अमावस्या तिथि आती
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2016 में 8 फरवरी
हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ महीने की शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी त्योहार
सिंहस्थ से पहले शहर में सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिलेगी। बुधवार सुबह 9
संतों के चरण व ज्ञान की पूजा की जाती है। फोटो की पूजा नहीं की
भक्ति टाइम्स: जरूरी नहीं है कि हर मनुष्य के पास ग्रह शांति का रत्न खरीदने
