आज का पंचांग (गुरुवार, 11 June 2026)
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्तों की जानकारी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं 11 June 2026 का विस्तृत पंचांग।
🌞 आज का दिन विशेष
गुरुवार का दिन बृहस्पति देवता की कृपा से समृद्धि, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। बृहस्पति का प्रभाव व्यापार, शिक्षा और धार्मिक कार्यों में सफलता लाता है। इस दिन विष्णु के स्वरूप में बृहस्पति की पूजा, मंत्र जप और दान‑धर्म से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना बढ़ती है। विशेष रूप से बृहस्पति के अनुकूल कार्य जैसे नई पढ़ाई, निवेश, और सामाजिक कार्यों को आरम्भ करने के लिए यह उत्तम दिन है।
📅 तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- वार: गुरुवार
- तिथि: शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र: उत्तर फ़ाल्गुनी
- योग: विष्कम्भ
- करण: बव (बाव)
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त | चंद्र उदय-चंद्रास्त
Noida, Uttar Pradesh (स्थानीय समयानुसार)
- सूर्योदय: 05:24
- सूर्यास्त: 19:31
- चंद्र उदय: 20:48
- चंद्रास्त: 06:32 (अगले दिन)
⛔ राहुकाल, गुलिक काल, यमगण्ड
| काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | 13:30 – 15:00 |
| गुलिक काल | 12:00 – 13:30 |
| यमगण्ड | 15:00 – 16:30 |
🌟 अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:48
अभिजीत मुहूर्त को कार्य आरम्भ, अनुबंध हस्ताक्षर और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस समय में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।
🕒 दिन के चोघड़िया
| चोघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| उद्वेग | 05:24 – 07:09 | विपरीत |
| चंद्र | 07:09 – 08:54 | विपरीत |
| लभ | 08:54 – 10:39 | शुभ |
| अमृत | 10:39 – 12:24 | अत्यंत शुभ |
| काल | 12:24 – 14:09 | विपरीत |
| शुभ | 14:09 – 15:54 | शुभ |
| रोग | 15:54 – 17:39 | विपरीत |
| उद्वेग | 17:39 – 19:31 | विपरीत |
🌙 रात के चोघड़िया
| चोघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| शुभ | 19:31 – 20:45 | शुभ |
| रोग | 20:45 – 21:59 | विपरीत |
| उद्वेग | 21:59 – 23:13 | विपरीत |
| काल | 23:13 – 00:27 | विपरीत |
| अमृत | 00:27 – 01:41 | अत्यंत शुभ |
| लभ | 01:41 – 02:55 | शुभ |
| चंद्र | 02:55 – 04:09 | विपरीत |
| उद्वेग | 04:09 – 05:24 | विपरीत |
🪔 आज के विशेष शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 03:48 – 04:36
- अभिजीत मुहूर्त: 12:12 – 12:48
- विजय मुहूर्त: 06:30 – 07:30
- अमृत चौघड़िया: 10:39 – 12:24
- गोधूलि मुहूर्त: 19:01 – 19:31
🛕 पूजा एवं संकल्प मुहूर्त
बृहस्पति देव की पूजा के लिए 06:30 – 07:30 (ब्रह्म मुहूर्त) तथा 10:39 – 12:24 (अमृत चोघड़िया) उत्तम समय हैं। इस दौरान बृहस्पति मंत्र “ॐ बृहस्पतये नमः” का जप, शुक्ल वस्त्र धारण और दान‑धर्म से आध्यात्मिक लाभ बढ़ता है। व्रत रखने वाले बृहस्पति व्रत (गुरु व्रत) को 06:30 – 07:30 के बीच समाप्त कर सकते हैं।
📦 खरीदारी मुहूर्त (Gold, Vehicle, Electronics)
- 06:30 – 07:30
- 10:39 – 12:24
- 14:09 – 15:54
सोने की खरीदारी के लिए अमृत चोघड़िया और शुद्ध शनि‑गुरु काल सबसे अनुकूल माना जाता है। वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी इन समयों में करने से दीर्घकालिक संतोष और लाभ मिलता है।
📜 नए कार्य प्रारंभ
नौकरी में नई जिम्मेदारी, व्यापारिक अनुबंध, शैक्षणिक परीक्षा या निवेश के लिए 06:30 – 07:30, 12:12 – 12:48 और 14:09 – 15:54 के समय सबसे अनुकूल हैं। इन क्षणों में शुभ मंत्र उच्चारण और हल्का हवन करने से सफलता की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
💼 व्यवसाय / कारोबार मुहूर्त
व्यापार विस्तार, अनुबंध हस्ताक्षर और वित्तीय लेन‑देन के लिए 10:39 – 12:24 (अमृत) तथा 14:09 – 15:54 (शुभ) समय सबसे लाभकारी है। इस अवधि में बृहस्पति व्रत का पालन और बृहस्पति हवन करने से लाभ में वृद्धि होती है।
🗓️ दिन-विशेष / धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व
- शुक्ल पंचमी (ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी) – विष्णु‑शंकर के पूजन का शुभ दिन।
- गुरु वार – बृहस्पति देव की कृपा से ज्ञान, धन और स्वास्थ्य में वृद्धि की आशा।
आज का दिन बृहस्पति की कृपा से समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। शुक्ल पंचमी के पावन तिथि पर धार्मिक कार्य, नई शुरुआत और निवेश के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है। राहु‑गुलिक‑यमगण्ड काल से बचकर, ब्रह्म, अभिजीत, विजय एवं अमृत मुहूर्त में कार्य आरम्भ करने से सफलता की संभावना अधिक रहती है। फिर भी व्यक्तिगत निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।



