जय श्री राम | ॐ नमः शिवाय | हर हर महादेव

अचला भानु सप्तमी: इस दिन प्रकट हुए थे सात घोड़ों के रथ पर सवार हो कर भगवान सूर्य

अचला भानु सप्तमी भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना का एक विशेष दिन है। पौराणिक ग्रंथों में इस दिन को बहुत शुभ माना गया है। यह तब मनाया जाता है जब किसी महीने में रविवार के दिन सप्तमी तिथि का योग बनता है। वर्ष 2016 में यह 31 जनवरी को मनाई जाएगी। अचला भानु सप्तमी व्रत मान्यता है […]

नवरात्रि आठवां दिन माँ महागौरी की पूजा

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः | महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददा || दुर्गा पूजा के अष्टमी तिथि को माता महागौरी की पूजा इस मंत्र से करना चाहिए। भक्तों के सारे पापों को जला देनेवाली और आदिशक्ति मां दुर्गा की 9 शक्तियों की आठवीं स्वरूपा महागौरी की पूजा नवरात्र के अष्टमी तिथि को किया जाता है। […]

नवरात्रि सातवां दिन माँ कालरात्रि की पूजा

मां दुर्गा के सातवें स्वरूप या शक्ति को कालरात्रि कहा जाता है, दुर्गा-पूजा के सातवें दिन माँ काल रात्रि की उपासना का विधान है। मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, इनका वर्ण अंधकार की भाँति काला है, केश बिखरे हुए हैं, कंठ में विद्युत की चमक वाली माला है, माँ कालरात्रि के […]

नवरात्रि छठा दिन माँ कात्यायनी की पूजा

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना | कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि || नवरात्र के छठे दिन इस मंत्र से माता कात्यायनी की पूजा वंदना करना चाहिए। नवरात्री के छठे दिन आदिशक्ति मां दुर्गा की षष्ठम रूप और असुरों तथा दुष्टों का नाश करनेवाली भगवती कात्यायनी की पूजा की जाती है। मार्कण्डये पुराण के […]

नवरात्रि पाँचवा दिन माँ स्कन्दमाता की पूजा

-: स्कन्दमाता की मंत्र :- सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया | शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी || या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। माँ दुर्गा का पंचम रूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है। भगवान स्कन्द कुमार (कार्तिकेय) की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवे […]

नवरात्रि चौथा दिन माँ कूष्मांडा की पूजा

भगवती माँ दुर्गा जी के चौथे स्वरुप का नाम कूष्मांडा है ! अपनी मंद हल्की हसीं द्वारा अंड अर्थात ब्रह्माण्ड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कुष्मांडा देवी के नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था , चारों ओर अन्धकार ही अंधकार व्याप्त था, तब माँ कुष्मांडा ने ही अपनी […]

नवरात्रि तीसरा दिन माँ चन्द्रघंटा की पूजा

पिण्डज प्रवरारुढ़ा चण्डकोपास्त्र कैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चंद्र घंष्टेति विश्रुता || नवरात्र के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा-वंदना इस मंत्र के द्वारा की जाती है- मां दुर्गा की 9 शक्तियों की तीसरी स्वरूपा भगवती चंद्रघंटा की पूजा नवरात्र के तीसरे दिन की जाती है। माता के माथे पर घंटे आकार का अर्धचन्द्र है, […]

नवरात्रि दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इस देवी को तपश्चारिणी अर्थात्‌ माँ ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा […]

नवरात्रि प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा

वंदे वाद्द्रिछतलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम | वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम्‌ || देवी दुर्गा के नौ रूप होते हैं । दुर्गाजी पहले स्वरूप में “शैलपुत्री” के नाम से जानी जाती हैं । ब्रह्मपुत्र दक्ष के यहाँ पुत्री सती स्वरूप को योगविद्या द्वारा प्राण त्याग कर पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण  “शैलपुत्री” के […]

सोमवती अमावस्या

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ये अमावस्या वर्ष में लगभग एक ही बार पड़ती है। इस अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व होता है। विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का […]

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता हैं। शिवपुराणमें भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को मंगलमूर्तिगणेश की अवतरण-तिथि बताया गया है जबकि गणेशपुराणके मत से यह गणेशावतार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को हुआ था। गण + पति = गणपति। संस्कृतकोशानुसार ‘गण’ अर्थात पवित्रक। ‘पति’ अर्थात […]

हरतालिका तीज

संकल्प शक्ति का प्रतीक और अखंड सौभाग्य की कामना का परम पावन व्रत हरतालिका तीज हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। हरतालिका तीज को हरितालिका तीज भी कहा जाता है। नारी के सौभाग्य की रक्षा करनेवाले इस व्रत को सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अक्षय सौभाग्य और […]