उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने नोएडा में हुई हालिया हिंसा को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अस्थिरता फैलाने के लिए बाहरी ताकतें सक्रिय हो सकती हैं।
मंत्री के अनुसार, हाल ही में मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद हिंसा के पीछे साजिश की आशंका और मजबूत हो गई है।
पुलिस जांच और सोशल मीडिया पर नजर
राज्य पुलिस ने बताया कि हिंसा में कुछ लोग अन्य राज्यों से भी शामिल थे। अब तक 2 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि करीब 50 हैंडल्स की पहचान की गई है, जहां से भ्रामक जानकारी फैल रही थी।
इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा सभी संदिग्ध डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की जाएगी।
न्यूनतम वेतन को लेकर अफवाह खारिज
वहीं, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन तय किए जाने की खबर पूरी तरह गलत है। सरकार ने कहा कि नोएडा की इंडस्ट्रीज द्वारा किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है।
नोएडा हिंसा मामले में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। पाकिस्तान कनेक्शन और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




