श्रावण शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है । यह नागों की पूजा का पर्व है । मनुष्यों और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं में झलकता रहा है । शेषनाग के सहस्र फनों पर पृथ्वी टिकी है, भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषशय्या पर सोते हैं, शिवजी के गले में सर्पों के हार हैं, […]
शिवजी के सिर पर क्यों सुशोभित है चन्द्र ?
भगवान शिव के सिर पर चन्द्र उनके योगी स्वरूप की शोभा बढ़ाता है। इनका एक नाम शशिधर भी है। शिवजी अपने सिर पर चंद्र को धारण किया है इसी वजह से इन्हें शशिधर के नाम से भी जाना जाता है। भोलेनाथ ने मस्तक पर चंद्र को क्यों धारण कर रखा है? इस संबंध में शिव […]
भगवान शिव के 10 रुद्रावतार
ब्रह्मा, विष्णु और शिव में विष्णु और शिव के दर्जनों अवतारों के बारे में पुराणों में मिलता है। विष्णु के 24 अवतार हैं तो शिव के 28 अवतार। लेकिन उनमें भी जो प्रमुख है उसी की चर्चा की जाती है। जैसे विष्णु के 10 अवतार और शिव के 10 अवतार। हनुमान, अश्वत्थामा, दुर्वासा, पिप्पलाद, वृषभ […]
रुद्राक्ष का महत्व
रूद्राक्ष का बहुत अधिक महत्व होता है तथा हमारे धर्म एवं हमारी आस्था में रूद्राक्ष का उच्च स्थान है। रूद्राक्ष की महिमा का वर्णन शिवपुराण, रूद्रपुराण, लिंगपुराण श्रीमद्भागवत गीता में पूर्ण रूप से मिलता है। सभी जानते हैं कि रूद्राक्ष को भगवान शिव का पूर्ण प्रतिनिधित्व प्राप्त है। रूद्राक्ष का उपयोग केवल धारण करने में […]
बिल्वपत्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें !
शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर कई प्रकार की सामग्री फूल-पत्तियां चढ़ाई जाती हैं। इन्हीं में से सबसे महत्वपूर्ण है बिल्वपत्र। बिल्वपत्र से जुड़ी खास बातें जानने के बाद आप भी मानेंगे कि बिल्व का पेड बहुत चमत्कारी है ●पुराणों के अनुसार रविवार के दिन और द्वादशी तिथि पर बिल्ववृक्ष का विशेष पूजन करना चाहिए। […]