ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों में बदलाव किया जाता है, जो वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) और रुपये-डॉलर विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के आधार पर तय होता है।
देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट (₹/लीटर)
| शहर | पेट्रोल | डीजल |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
| अहमदाबाद | 94.49 | 90.17 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 89.02 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
| जयपुर | 104.72 | 90.21 |
| लखनऊ | 94.69 | 87.80 |
| पुणे | 104.04 | 90.57 |
| चंडीगढ़ | 94.30 | 82.45 |
| इंदौर | 106.48 | 91.88 |
| पटना | 105.58 | 93.80 |
| सूरत | 95.00 | 89.00 |
| नासिक | 95.50 | 89.50 |
राज्यों में अलग-अलग क्यों हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत में पेट्रोल और डीजल के रेट हर राज्य में अलग-अलग होते हैं क्योंकि राज्य सरकारें अपने-अपने टैक्स (VAT) लगाती हैं। इसके अलावा, माल परिवहन और स्थानीय शुल्कों में अंतर भी कीमतों को प्रभावित करता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण
1. कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices): अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय रिटेल दरों पर पड़ता है।
2. रुपये-डॉलर विनिमय दर (Exchange Rate): भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से पेट्रोल-डीजल महंगे हो जाते हैं।
3. टैक्स (Taxes): केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स मिलकर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत का बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
4. रिफाइनिंग और वितरण लागत: कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की लागत और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
5. मांग और आपूर्ति (Demand-Supply): ईंधन की खपत बढ़ने या घटने पर बाजार में कीमतें ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
मई 2022 से केंद्र और राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती के बाद से पेट्रोल और डीजल की दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।




