महावीर जयंती 2026: अहिंसा और मानवता के संदेश के साथ देशभर में मनाई जा रही भगवान महावीर की जयंती

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर लोग उनके अहिंसा, सत्य और संयम के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके विचारों को जीवन में उतारने की अपील की है।

आज जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व जन्मे भगवान महावीर ने मानवता को अहिंसा, संयम और सह-अस्तित्व का जो अमूल्य संदेश दिया, वह आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।

महावीर जयंती के अवसर पर देशभर के जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, प्रभात फेरियां, शोभायात्राएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु भगवान महावीर के उपदेशों को याद कर उनके मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहे हैं।

इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर के पांच प्रमुख सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह—मानव जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं।

New Delhi: President Droupadi Murmu addresses officers of the Central Power Engineering Service and Indian Economic Service at Rashtrapati Bhavan in New Delhi on Friday, March 27, 2026. (Photo: IANS/X/@rashtrapatibhvn)

राष्ट्रपति ने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर व्यक्ति न केवल अपने जीवन को सार्थक बना सकता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी ला सकता है। भगवान महावीर ने अपने समय में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई और एक संतुलित व नैतिक जीवन जीने का मार्ग दिखाया, जो आज भी उतना ही प्रभावशाली है।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें।

महावीर जयंती का यह पर्व हमें शांति, करुणा और सहिष्णुता का संदेश देता है, जो आज की भागदौड़ भरी दुनिया में अत्यंत आवश्यक है।